दिल का दरिया बह ही गया – Funny Story in Hindi

एक साल पहले मेरी एक दोस्त दिल्ली शिफ्ट हो गई,पहले कानपुर में रहती थी। एक दिन यूंही किसी छोटी सी बात पर बहस हो गयी फिर फ़ोन कट गया। funny story in hindi
उसके बाद न मैंने फ़ोन किया न उसने,धीरे धीरे होते करते हमारी बात बहुत कम हो गयी,लगभग न के बराबर। 12 जनवरी को कानपुर में ही मैं #परीक्षा देकर लौट रहा था, तभी रस्ते में इधर उधर नजरें घुमा रहा था कि पीछे से एक आवाज आयी।पलटकर देखा तो वही मेमसाब एक लड़के के साथ खड़ी थी।

Dil Ka Dariya Beh Hi Gaya Funny Story in Hindi

कुछ देर हेलो हाय हुआ फिर उसने लड़के से इंट्रो करवाया,लड़का उसका बॉयफ्रेंड था।
हालांकि ये बात मुझे बुरी लगनी तो नही चाहिए थी लेकिन फिर भी लगी।
कुछ देर इधर उधर की बात करने के बाद
और हम लोग अनवरगंज स्टेशन पर पहुंच गए।
मेमसाब खुद कॉफ़ी नही पीती लेकिन फिर भी हम दोनो के लिए लेने चली गयी।
मैं और उसका बॉयफ्रेंड वही स्टेशन बैठे रह गए।
मेरे पास भी कई सवाल थे उससे पूछने के लिए और शायद उसके बॉयफ्रेंड के पास भी उतने ही सवाल थे।
शुरू उसने ही किया….
-अच्छा #तेजू भाई! तुम दोनो बचपन के दोस्त हो क्या?
मैं -नही यार प्रिप्रेशन टाइम पर मिले थे। लेकिन दोस्त अच्छे वाले थे।
-ये दोस्ती कैसी थी उस टाइम पर?
-कैसी थी मतलब?
-मतलब दोस्ती यारी के मामले में फ्लर्ट वाली या सीरियस वाली
-जैसी अभी है वैसे ही थी और क्या!
-अभी जैसी है मतलब
-मतलब कल भी टाइम पास वाले चाहिए थे आज भी वही।
-अरे यार तुम उसके इतने अच्छे दोस्त होकर ऐसे कैसे बोल सकते हो?
-दोस्त हूँ वो भी अच्छा वाला तभी सच बोल रहा हूँ वरना मुझे क्या लेना देना इससे।
-तो क्या इसका पहले भी कोई अफेयर था?
-कोई एक हो तो बताऊँ न!
-इतने भी नही रहे होंगे यार ।
ये लड़कियों के दुनिया की इमरान हाशमी थी हमारे शहर मे,यहां आकर सुधर गयी हो तो मैं कुछ नही कह सकता।
-यार लेकिन मुझे लगता है ये मेरे साथ सीरियस है।
-हा हा हा हा, 😲
तुमसे पहले भी चार लोग मुझसे इसको लेकर यही बात बोल चुके हैं।
-मैं नही मानता
-तो मैं कौन सा जिद कर रहा कि तुम मानो ही!
-लेकिन कोई तरीका हो या कोई सबूत हो तो बताओ,या कोई इसका एक्स जो तुम्हारे टच में हो।
-एक्स को मारो गोली तुम अभी इससे केवल इतना पूछ लेना या मोबाइल लेकर देख लेना कि इसने मुझे ब्लॉक कर रखा है कि नही!
-लेकिन तुमको क्यों ब्लॉक किया हुआ है?
-क्योंकि जैसे तुम मुझसे बात कर रहे हो वो सब भी मुझसे बात कर लेते थे और मैं झूठ बोलता नहीं था फिर मुर्गा फिसल जाता था….

अभी मेमसाब झूमते टहलते दो कप कॉफी ले आयी है,भाईसाब ने कॉफ़ी लेने से पहले मेमसाब के जीन्स से मोबाइल निकालकर किनारे जाकर फेसबुक खोल लिया है,अभी भाईसाब झन्नाते हुए मेमसाब के पास वापस आ गए है,मोबाइल को उसके गोद में लगभग पटकते हुए दोबारा कभी मिलने या मैसेज न करने की धमकी देते हुए बस पकड़ कर #रामादेवी की ओर चले गए है।
मेमसाब आंखों में आंसू लिए मेरे तरफ देख रही है कि मैं कुछ बोलूं, मैं शरीफ #बच्चा, मेमसाब को भाईसाब की पूरी कारस्तानी बता दी थी। कि कैसे उसके कॉफ़ी लेने जाने के बाद भाईसाब एक लड़की से गले मिले,किस किया और अब शायद उसी के साथ बस में जाएगा भी।अभी मेमसाब रोते हुए मुझे बता रही है कि एक तू ही मेरा दोस्त था और तुझको भी मैंने इस कुत्ते के लिए ब्लॉक किया था,और आज यही……☹️

मैं चाहता तो रुमाल लेकर मेमसाब के आंसू पोछ सकता था , कंधा भी बन सकता था 😒, लेकिन मैं थोड़ा बिजी था,
मुझे दो कॉफ़ी ठंडी होने से पहले खत्म करनी थी..
मैं अपना रुमाल गंदा नहीं करवाना चाहता था😏
और मुझे फर्रुखाबाद के लिए ट्रेन भी पकड़नी थी 😛 एक साल पहले मेरी एक दोस्त दिल्ली शिफ्ट हो गयी,पहले कानपुर रहती थी।
एक दिन यूंही किसी छोटी सी बात पर बहस हो गयी फिर फ़ोन कट गया।
उसके बाद न मैंने फ़ोन किया न उसने,धीरे धीरे होते करते हमारी बात बहुत कम हो गयी,लगभग न के बराबर।

12 जनवरी को कानपुर में ही मैं #परीक्षा देकर लौट रहा था, तभी रस्ते में
इधर उधर नजरें घुमा रहा था कि पीछे से एक आवाज आयी।
पलटकर देखा तो वही मेमसाब एक लड़के के साथ खड़ी थी।
कुछ देर हेलो हाय हुआ फिर उसने लड़के से इंट्रो करवाया,लड़का उसका बॉयफ्रेंड था।
हालांकि ये बात मुझे बुरी लगनी तो नही चाहिए थी लेकिन फिर भी लगी।
कुछ देर इधर उधर की बात करने के बाद
और हम लोग अनवरगंज स्टेशन पर पहुंच गए।
मेमसाब खुद कॉफ़ी नही पीती लेकिन फिर भी हम दोनो के लिए लेने चली गयी।
मैं और उसका बॉयफ्रेंड वही स्टेशन बैठे रह गए।
मेरे पास भी कई सवाल थे उससे पूछने के लिए और शायद उसके बॉयफ्रेंड के पास भी उतने ही सवाल थे।

शुरू उसने ही किया….
-अच्छा #तेजू भाई! तुम दोनो बचपन के दोस्त हो क्या?
मैं -नही यार प्रिप्रेशन टाइम पर मिले थे। लेकिन दोस्त अच्छे वाले थे।
-ये दोस्ती कैसी थी उस टाइम पर?
-कैसी थी मतलब?
-मतलब दोस्ती यारी के मामले में फ्लर्ट वाली या सीरियस वाली
-जैसी अभी है वैसे ही थी और क्या!
-अभी जैसी है मतलब
-मतलब कल भी टाइम पास वाले चाहिए थे आज भी वही।
-अरे यार तुम उसके इतने अच्छे दोस्त होकर ऐसे कैसे बोल सकते हो?
-दोस्त हूँ वो भी अच्छा वाला तभी सच बोल रहा हूँ वरना मुझे क्या लेना देना इससे।
-तो क्या इसका पहले भी कोई अफेयर था?
-कोई एक हो तो बताऊँ न!
-इतने भी नही रहे होंगे यार ।
ये लड़कियों के दुनिया की इमरान हाशमी थी हमारे शहर मे,यहां आकर सुधर गयी हो तो मैं कुछ नही कह सकता।
-यार लेकिन मुझे लगता है ये मेरे साथ सीरियस है।
-हा हा हा हा, 😲
तुमसे पहले भी चार लोग मुझसे इसको लेकर यही बात बोल चुके हैं।
-मैं नही मानता
-तो मैं कौन सा जिद कर रहा कि तुम मानो ही!
-लेकिन कोई तरीका हो या कोई सबूत हो तो बताओ,या कोई इसका एक्स जो तुम्हारे टच में हो।
-एक्स को मारो गोली तुम अभी इससे केवल इतना पूछ लेना या मोबाइल लेकर देख लेना कि इसने मुझे ब्लॉक कर रखा है कि नही!
-लेकिन तुमको क्यों ब्लॉक किया हुआ है?
-क्योंकि जैसे तुम मुझसे बात कर रहे हो वो सब भी मुझसे बात कर लेते थे और मैं झूठ बोलता नहीं था फिर मुर्गा फिसल जाता था….

अभी मेमसाब झूमते टहलते दो कप कॉफी ले आयी है,भाईसाब ने कॉफ़ी लेने से पहले मेमसाब के जीन्स से मोबाइल निकालकर किनारे जाकर फेसबुक खोल लिया है,अभी भाईसाब झन्नाते हुए मेमसाब के पास वापस आ गए है,मोबाइल को उसके गोद में लगभग पटकते हुए दोबारा कभी मिलने या मैसेज न करने की धमकी देते हुए बस पकड़ कर #रामादेवी की ओर चले गए है।

मेमसाब आंखों में आंसू लिए मेरे तरफ देख रही है कि मैं कुछ बोलूं, मैं शरीफ #बच्चा, मेमसाब को भाईसाब की पूरी कारस्तानी बता दी थी। कि कैसे उसके कॉफ़ी लेने जाने के बाद भाईसाब एक लड़की से गले मिले,किस किया और अब शायद उसी के साथ बस में जाएगा भी।अभी मेमसाब रोते हुए मुझे बता रही है कि एक तू ही मेरा दोस्त था और तुझको भी मैंने इस कुत्ते के लिए ब्लॉक किया था,और आज यही……☹️
मैं चाहता तो रुमाल लेकर मेमसाब के आंसू पोछ सकता था , कंधा भी बन सकता था 😒, लेकिन मैं थोड़ा बिजी था,
मुझे दो कॉफ़ी ठंडी होने से पहले खत्म करनी थी..
मैं अपना रुमाल गंदा नहीं करवाना चाहता था😏
और मुझे फर्रुखाबाद के लिए ट्रेन भी पकड़नी थी 😛 Funny Story in Hindi

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